मुंबई | भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा के फैसले से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और कई प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली।
सेंसेक्स 102.43 अंक की बढ़त के साथ 72,965.38 पर खुला, लेकिन शुरुआती कारोबार में तेजी टिक नहीं सकी। इसके बाद सेंसेक्स करीब 444 अंक गिरकर 72,676.52 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी-50 85.65 अंक गिरकर 22,690.45 पर खुला और शुरुआती कारोबार में करीब 160 अंक टूटकर 22,628.75 के आसपास आ गया।
ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में
बाजार में मीडिया को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में दबाव देखा गया। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, FMCG, ऑयल एंड गैस, आईटी, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में बिकवाली का असर रहा।
शेयरों की बात करें तो टाइटन में करीब 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। एशियन पेंट्स, BEL, एक्सिस बैंक और मारुति सुजुकी भी दबाव में रहे। दूसरी ओर, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल और इटरनल शुरुआती कारोबार में बढ़त बनाए रखने वाले प्रमुख शेयरों में रहे।
RBI ने बढ़ाया रेपो रेट
बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया के बीच RBI की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया। यह फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है। RBI ने अपनी नीति का रुख भी ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है।
RBI के फैसले के बाद बाजार में कुछ सुधार देखने को मिला, खासकर वित्तीय शेयरों में। हालांकि, ऑटो, FMCG और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में दबाव बना रहा।
बाजार की आगे की दिशा अब RBI के नीति संकेतों, महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के रुख पर निर्भर रहने की संभावना है।