नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच आंदोलन का दायरा बढ़ाने का ऐलान किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह अभियान अब केवल NEET और शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चुनावी प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा।
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार समर्थक सोनम वांगचुक ने रविवार को जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे प्रदर्शन को समर्थन दिया।
अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग करना नहीं, बल्कि व्यापक संस्थागत सुधारों के लिए आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि आगे चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि संगठन चुनाव लड़े या नहीं लड़े, लेकिन चुनावी व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम करता रहेगा। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी है।
वहीं सोनम वांगचुक ने कहा कि शिक्षा उनके जीवन का अहम मुद्दा रहा है और व्यवस्था में सुधार के लिए शांतिपूर्ण विरोध जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ पढ़ाई नहीं बल्कि बच्चों का भविष्य और समाज का निर्माण करना होना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ अन्य मामलों को भी उठाया गया, जिसमें छात्रों और परिवारों से जुड़े न्याय के मुद्दे शामिल हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि अभियान का लक्ष्य व्यवस्था में सुधार और जनहित से जुड़े सवालों को सामने लाना है।