रायपुर । जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल को महिला स्वास्थ्य, मातृत्व देखभाल, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘सीएसआर पर्सन ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित 19वें इंडिया सीएसआर लीडरशिप समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
श्रीमती जिन्दल के नेतृत्व में जिन्दल फाउंडेशन की प्रमुख पहल #HerKadam महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार लाने की दिशा में काम कर रही है। इस पहल के माध्यम से अब तक 2,300 से अधिक वंचित गांवों तक पहुंच बनाई गई है। कार्यक्रम के तहत महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षित मातृत्व, बेहतर पोषण और आर्थिक अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
9 लाख से अधिक किशोरियों को एनीमिया संबंधी सहायता
#HerKadam पहल के अंतर्गत एनीमिया की जांच, उपचार और परामर्श के माध्यम से 9 लाख से अधिक किशोरियों को सहायता प्रदान की गई है। किशोरियों में एनीमिया की समय पर पहचान और उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसके अतिरिक्त 8.9 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और हाल ही में मां बनी महिलाओं को प्रसव से पहले और बाद में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य मातृ स्वास्थ्य में सुधार, सुरक्षित प्रसव को प्रोत्साहन और मां तथा बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।
कुपोषण से प्रभावित बच्चों के पोषण में सुधार पर जोर
महिलाओं और किशोरियों के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर भी इस पहल के तहत विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फाउंडेशन के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान गंभीर कुपोषण से प्रभावित जिन बच्चों की पहचान की गई, उनमें से 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों को स्वस्थ पोषण स्तर की ओर बढ़ने में मदद मिली है।
फाउंडेशन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, #HerKadam के माध्यम से अब तक स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सहायता के 1.2 करोड़ से अधिक अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। ये प्रयास समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाने पर केंद्रित हैं।
सीएसआर के जरिए सामाजिक प्रभाव बढ़ाने पर चर्चा
इस वर्ष आयोजित इंडिया सीएसआर लीडरशिप समिट का विषय था—‘सीएसआर के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा: सामाजिक प्रभाव का दायरा बढ़ाने के लिए विचारों, तकनीक, पूंजी और साझेदारी को एक साथ लाना।’
समिट में उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधियों के साथ कॉरपोरेट और विकास क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक विकास से संबंधित पहलों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने, नवाचार को बढ़ावा देने और विभिन्न संस्थाओं के बीच सहयोग मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास
श्रीमती शालू जिन्दल को मिला यह सम्मान महिला स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके नेतृत्व में संचालित प्रयासों की पहचान के रूप में देखा जा रहा है। फाउंडेशन की पहल का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक अवसरों से जोड़ना भी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
शिक्षा से पर्यावरण संरक्षण तक काम कर रहा जिन्दल फाउंडेशन
जिन्दल फाउंडेशन, जिन्दल स्टील की सामाजिक सेवा इकाई है। संस्था का उद्देश्य समुदायों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।
फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, जल एवं स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, कला एवं संस्कृति, खेल तथा सामाजिक समावेशन जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहा है।
महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के क्षेत्र में शालू जिन्दल को मिला यह सम्मान सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से जरूरतमंद समुदायों तक सेवाएं पहुंचाने और महिलाओं एवं बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों को रेखांकित करता है।