पश्चिम बंगाल | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी के हाथों करारी हार के बाद भी टीएमसी चीफ ममता बनर्जी को झटका लगातार मिल रहा है। हाल ही में ममता बनर्जी ने राज्य में बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए कांग्रेस और लेफ्ट से समर्थन मांगा, लेकिन सभी विपक्षी दलों ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया।
कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) सहित अन्य दलों ने टीएमसी के गठबंधन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा, “बिल्कुल नहीं। हम किसी भी अपराधी, जबरन वसूली करने वाले, भ्रष्ट और सांप्रदायिक व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेंगे। हम जनता और हाशिए पर रहने वाली आबादी के साथ खड़े रहेंगे।”
इस अस्वीकृति के साथ ही बंगाल में विपक्षी एकता की कोशिश ‘टांय टांय फिस्स’ साबित हुई और यह साफ हो गया कि इंडिया अलायंस में शामिल पार्टियों की कथनी और करनी में अंतर है।
वहीं, दूसरी ओर शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने राज्य में अपने कामकाज की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में आज दोपहर 12 बजे नबान्न में पहली कैबिनेट बैठक होगी। शपथ ग्रहण के बाद यह उनका पहला सचिवालय दौरा है। बैठक में आयुष्मान भारत सहित केंद्रीय योजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना है। इस बैठक में शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच मंत्री भी मौजूद रहेंगे।
इस घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति में विपक्षी दलों की खींचतान और बीजेपी सरकार के नए नेतृत्व की दिशा को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है।