नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद, अब रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी अरब ने भी ईरान पर सीक्रेट अटैक किए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 के आखिर में सऊदी एयरफोर्स ने टार्गेटेड हमले किए, लेकिन इन हमलों का विवरण और निशाना स्पष्ट नहीं किया गया।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
- सऊदी अरब ने पहली बार सीधे तौर पर ईरान पर सैन्य कार्रवाई की।
- टार्गेट और हमलों की संख्या का सार्वजनिक विवरण नहीं है।
- सऊदी विदेश मंत्रालय ने हमलों की पुष्टि नहीं की, लेकिन क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और तनाव कम करने की अपील दोहराई।
- ईरान के विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
पृष्ठभूमि:
ईरान-अमेरिका संघर्ष का असर पूरे वेस्ट एशिया पर पड़ा। अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल (GCC) के छह देशों पर हमले किए। इसमें अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक इलाकों, हवाई अड्डों और तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया।
विश्लेषण:
सऊदी के सीक्रेट अटैक से यह साफ है कि यह संघर्ष केवल इजरायल तक सीमित नहीं था। रियाद अपनी सुरक्षा को लेकर अब आक्रामक रुख अपनाने के लिए तैयार है। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी संबंधों को ध्यान में रखते हुए इन हमलों के दावों को बल मिलता है।
निष्कर्ष:
इस खुलासे से वेस्ट एशिया में तनाव और बढ़ गया है। सऊदी और ईरान के बीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं।