शांति वार्ता पर रूस का सख्त रुख, पुतिन ने जेलेंस्की के प्रस्ताव को नकारा

मॉस्को/कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शांति वार्ता की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की द्वारा बातचीत और युद्ध समाप्ति को लेकर दिए गए प्रस्ताव को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इससे दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीदें कमजोर पड़ गई हैं।

जेलेंस्की ने हाल ही में एक खुले पत्र के जरिए पुतिन से सीधे संवाद और युद्ध समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने युद्धबंदियों की अदला-बदली, नागरिकों की वापसी और भविष्य की पीढ़ियों के हित में शांति प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव रखा था। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि लंबे समय से जारी युद्ध रूस के संसाधनों और सैन्य क्षमता पर भी भारी दबाव डाल रहा है।

हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुतिन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। रूस की ओर से युद्धविराम या शीर्ष स्तर की प्रत्यक्ष वार्ता को लेकर फिलहाल कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया गया है। दोनों देशों के बीच संघर्ष लगातार जारी है और ड्रोन तथा मिसाइल हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

इस बीच, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ब्रिक्स देशों की बढ़ती वैश्विक आर्थिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स का योगदान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि क्रय शक्ति समता (PPP) के आधार पर ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी अब जी-7 देशों से आगे निकल चुकी है।

पुतिन ने भारत की आर्थिक प्रगति और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उसकी उपलब्धियों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत रूस का महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। पुतिन ने उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में भारत-रूस व्यापार 100 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुके इस संघर्ष के बीच पुतिन द्वारा बातचीत के प्रस्ताव को ठुकराए जाने से यह संकेत मिला है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी और लंबा खिंच सकता है।

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