कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में आंतरिक असंतोष बढ़ गया है। पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुले तौर पर राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर नाराज़गी जताई है।
कुछ नेताओं का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी की रणनीतियों और निर्णयों ने पार्टी को कमजोर कर दिया, जबकि सोशल मीडिया पर उनके व्यवहार को ‘घमंडी’ बताया जा रहा है। इसी तरह, पार्टी के चुनावी प्रबंधन के लिए नियुक्त कंसल्टेंसी फ़र्म आई-पैक पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कई नेताओं ने इस फ़र्म की विश्वसनीयता पर संदेह व्यक्त किया। बीबीसी की कोशिश के बावजूद अब तक आई-पैक की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
चुनाव हारने वाले कई उम्मीदवारों और कलाकारों ने भी राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाने का ऐलान किया है। साथ ही स्थानीय मीडिया में यह आरोप भी सामने आए कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के नज़दीकी लोग ज़िला और स्थानीय नेताओं से नियमित रूप से पैसे की मांग करते थे।
टीएमसी ने इन बयानों के बाद स्पष्ट किया कि पार्टी उन आरोपों से सहमत नहीं है। इसके साथ ही चार नेताओं और प्रवक्ताओं को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि पार्टी में उठ रही यह नाराज़गी आगामी रणनीति और नेतृत्व पर सवाल खड़ा कर सकती है, और टीएमसी के लिए भविष्य की चुनौतियों को और जटिल बना सकती है।