देवरिया । उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सड़कों और फुटपाथों पर कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे बेसहारा लोगों को सुरक्षित आश्रय और बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी ने उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह और टास्क फोर्स से जुड़े अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि बेसहारा लोगों के हितों से जुड़ी यह अत्यंत महत्वपूर्ण समिति है। इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ करें।
न्यायालय के निर्देशों का होगा पालन
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर कठिन परिस्थितियों में रहने वाले लोगों की पहचान कर उनके पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि रेस्क्यू टास्क फोर्स का उद्देश्य केवल लोगों को सड़कों से हटाना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन, सुरक्षित आश्रय और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है।
संवेदनशीलता के साथ निभाएं जिम्मेदारी
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान के दौरान मानवीय दृष्टिकोण अपनाना बेहद जरूरी है। बेसहारा व्यक्तियों की परिस्थितियों, जरूरतों और समस्याओं को समझते हुए उनके हित में उचित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने और पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
पुनर्वास पर रहेगा विशेष जोर
जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके लिए उपलब्ध आश्रय एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे लोगों को सुरक्षित वातावरण और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह सहित टास्क फोर्स से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।