नई दिल्ली | दिल्ली सरकार राशन कार्ड योजना के दायरे को बड़ा करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि राशन कार्ड बनवाने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता में बताया कि पहले राशन कार्ड के लिए आय सीमा 1 लाख रुपये वार्षिक थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये किया गया। अब सरकार इसे बढ़ाकर ढाई लाख रुपये वार्षिक करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि ज्यादा जरूरतमंद परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और सस्ते राशन योजना का लाभ उठा सकें।
रेखा गुप्ता ने कहा कि इस प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल में चर्चा हो चुकी है और जल्द ही इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 13 वर्षों में लाखों गरीब लोग राशन कार्ड बनवाने के लिए अधिकारियों और नेताओं के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनके कार्ड जारी नहीं किए गए।
7.72 लाख अपात्र राशन कार्ड धारकों के नाम हटाए
दिल्ली सरकार ने बताया कि राशन कार्ड धारकों का व्यापक ऑडिट कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थियों की पहचान हुई।
सरकार के अनुसार—
* 1.44 लाख राशन कार्ड धारक आय सीमा से बाहर पाए गए
* 35 हजार लोगों ने कभी राशन नहीं लिया
* 19 हजार लाभार्थी मृत पाए गए
ऑडिट के दौरान कुल 7.72 लाख से अधिक अपात्र राशन कार्ड धारकों के नाम सूची से हटाए गए हैं।
नए राशन कार्ड के लिए आवेदन शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 मई से राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवेदन से लेकर राशन वितरण तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को पूरा राशन मिल सकेगा।
सरकार ने खाद्यान्न सुरक्षा नियम 2026 भी लागू किया है। इसके तहत पात्र व्यक्ति अपने घर के नजदीक से ही आवेदन कर सकेंगे।
सरकार का कहना है कि पहले स्वयं घोषित आय प्रमाण पत्र के आधार पर आवेदन किए जाते थे, जिससे अनियमितताओं की संभावना रहती थी। नई डिजिटल प्रणाली में सत्यापन प्रक्रिया को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाया गया है।