उत्तर बस्तर कांकेर | जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने पशुओं की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नीलेश्वर महादेव क्षीरसागर ने पशुओं से व्यावसायिक और श्रम संबंधी कार्य लेने पर दोपहर के समय प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार आगामी 30 जून तक जिले की संपूर्ण सीमा में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पशुओं के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान बैलगाड़ी, भैंसागाड़ी, ऊंट, खच्चर और गधों के माध्यम से माल ढुलाई, सवारी या किसी भी प्रकार का शारीरिक श्रम लेना प्रतिबंधित किया गया है।
प्रशासन ने कहा है कि तेज धूप और अत्यधिक तापमान में पशुओं से काम लेना पशु क्रूरता की श्रेणी में माना जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1996 के नियम 6(3) के तहत यह कार्रवाई की गई है।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले पशु मालिकों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गर्मी के दौरान पशुओं को पर्याप्त पानी, छांव और आराम उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें लू और डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके।