नई दिल्ली। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। आजादी की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर, PoK के प्रधानमंत्री फ़ैसल मुमताज़ राठौड़ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने इन नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। अवामी एक्शन कमेटी के नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन अब पहले से ज्यादा व्यापक हो चुका है और जम्मू, गिलगित-बाल्टिस्तान और लद्दाख से भी समर्थन मिल रहा है।
53 मौतों के बाद हालात तनावपूर्ण
PoK में पिछले कई दिनों से जारी आंदोलन के दौरान अब तक 53 लोगों की मौत की बात सामने आई है। इसके बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है। प्रदर्शनकारी रावलाकोट सहित कई क्षेत्रों में डटे हुए हैं और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध जारी रखे हुए हैं।
पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बढ़ा आक्रोश
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना और सरकार लंबे समय से PoK के लोगों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। कुछ नेताओं ने खुले तौर पर पाकिस्तान से अलग होने की मांग उठाई है, जबकि कुछ नेता सरकार के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
दो बड़ी मांगों पर सरकार से टकराव
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में PoK की 12 कथित शरणार्थी सीटों को खत्म करना और निर्वाचित नेताओं के शपथ ग्रहण से जुड़ी शर्तों में बदलाव शामिल है।
वहीं, पाकिस्तान सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच इन मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। बढ़ते विरोध के बीच PoK में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।