री-इवैल्यूएशन शुरू, लेकिन पोर्टल ठप; CBSE की व्यवस्था पर उठे सवाल

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन पोर्टल लॉन्च होते ही तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्र लगातार शिकायत कर रहे हैं कि लॉगिन, वेरिफिकेशन और आवेदन सबमिट करने के दौरान पोर्टल बार-बार फेल हो रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सीबीएसई ने मंगलवार सुबह 4:42 बजे री-इवैल्यूएशन पोर्टल को सक्रिय किया था। हालांकि पोर्टल शुरू होने के कुछ ही समय बाद छात्रों को लॉगिन में दिक्कतें आने लगीं। कई छात्रों का कहना है कि क्रेडेंशियल्स दर्ज करने के बावजूद सिस्टम “Failed” का संदेश दिखा रहा है और आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि एक जून से शुरू होने वाली प्रक्रिया पहले ही तकनीकी कारणों से विलंबित हो चुकी थी और अब पोर्टल के बार-बार ठप होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।

छात्रों की शिकायतों के बाद सीबीएसई ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जिन उम्मीदवारों को लॉगिन में समस्या आ रही है, वे बोर्ड के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर डायरेक्ट मैसेज (DM) कर अपनी समस्या साझा कर सकते हैं। बोर्ड का दावा है कि तकनीकी टीम पोर्टल की समस्याओं को दूर करने में जुटी हुई है।

इधर, सीबीएसई की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली भी विवादों में घिर गई है। कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के कुछ हिस्सों का मूल्यांकन सही तरीके से नहीं किया गया। कुछ मामलों में मुख्य पृष्ठ पर अंक दर्ज किए गए, लेकिन अंदर के उत्तरों को नजरअंदाज किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई शिक्षकों और स्कूल प्राचार्यों ने भी स्वीकार किया है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में मानवीय त्रुटियों की संभावना बनी रहती है।

इसके अलावा OSM प्रणाली से जुड़े टेंडर को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। झारखंड के छात्र सार्थक सिद्धांत ने अपने अध्ययन और ब्लॉग के माध्यम से दावा किया है कि टेंडर दस्तावेजों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, इन दावों पर सीबीएसई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल हजारों छात्र री-इवैल्यूएशन आवेदन प्रक्रिया सुचारु रूप से शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि सीबीएसई जल्द से जल्द तकनीकी खामियों को दूर कर आवेदन प्रक्रिया को निर्बाध बनाए, ताकि किसी भी छात्र का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो।

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