जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित रानीदाह जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण का अद्भुत संगम है। हरी-भरी पहाड़ियों और घने साल के जंगलों के बीच स्थित यह पर्यटन स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
जशपुर नगर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रानीदाह जलप्रपात तक पहुंचने का सफर भी बेहद मनमोहक है। यहां पहुंचते ही चारों ओर फैली हरियाली, चट्टानों से गिरता दूधिया पानी और पक्षियों की मधुर आवाजें पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव देती हैं।
बरसात के मौसम में रानीदाह जलप्रपात अपने पूरे वैभव पर होता है। इस दौरान पानी कई धाराओं में बंटकर ऊंची चट्टानों से नीचे गिरता है, जो बेहद खूबसूरत दृश्य प्रस्तुत करता है। गर्मी के मौसम में जल प्रवाह कम होने के बावजूद यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है।
रानीदाह जलप्रपात अपनी लोककथाओं और ऐतिहासिक मान्यताओं के लिए भी प्रसिद्ध है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, ओडिशा की राजकुमारी रानी शिरोमणि से जुड़ी एक कहानी के कारण इस स्थान का नाम रानीदाह पड़ा। कहा जाता है कि रानी ने इसी स्थान पर अपने सम्मान की रक्षा के लिए खाई में छलांग लगा दी थी। झरने के पास स्थित कुछ चट्टानों को “पांच भैया” के नाम से भी जाना जाता है।
प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और रोमांच पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए रानीदाह जलप्रपात एक बेहतरीन पिकनिक स्थल है। जशपुर आने वाले पर्यटकों को इस खूबसूरत पर्यटन स्थल का भ्रमण जरूर करना चाहिए।