कोटा | राजधानी एक्सप्रेस की देरी ने एक दंपत्ति की फ्लाइट छूटवाकर रेलवे के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी। कोटा के अनिल और अनीता राना दिल्ली जाने के लिए 17 दिसंबर 2017 को राजधानी एक्सप्रेस में सवार हुए, लेकिन ट्रेन चार घंटे से ज्यादा लेट हजरत निजामुद्दीन पहुंची। इस कारण उनका एयर इंडिया का टिकट 72,930 रुपये में बुक कराना पड़ा, जबकि मूल टिकट 33,929 रुपये का था।
कैसे हुआ मामला
दंपत्ति ने पहले ट्रेन और फ्लाइट का पूरा शेड्यूल सही तरीके से बुक कराया था। राजधानी एक्सप्रेस कोटा से सुबह 6.55 बजे रवाना हुई और दोपहर 12.40 बजे दिल्ली पहुंचना था। उनकी फ्लाइट शाम 6.05 बजे की थी। लेकिन ट्रेन 4.50 बजे दिल्ली पहुंची, और वे एयरपोर्ट समय पर नहीं पहुंच सके।
उपभोक्ता फोरम का फैसला
दंपत्ति ने रेलवे के खिलाफ कोटा जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई। रेलवे ने अपनी ओर से कहा कि ट्रेन कभी “देर करता नहीं, देर हो जाती है” और इसमें सेवा में कमी नहीं है। लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। अगस्त 2023 में फैसला आया कि रेलवे दंपत्ति को कुल 69,001 रुपये का हर्जाना भरे। इसमें शामिल हैं:
- एयर टिकट पर अतिरिक्त खर्च: 39,001 रुपये
- मानसिक अशांति और उत्पीड़न: 20,000 रुपये
- होटल खर्च: 5,000 रुपये
- मुकदमेबाजी का खर्च: 5,000 रुपये
अपील खारिज
रेलवे ने राज्य उपभोक्ता फोरम में अपील की, लेकिन न्यायिक सदस्य निर्मल सिंह मेडवाल और सदस्य करुणा जैन ने रेलवे की अपील खारिज कर दी। अब रेलवे को दंपत्ति को 69 हजार रुपये का हर्जाना भुगतान करना अनिवार्य है।
निष्कर्ष: यह मामला इंडियन रेलवे के लिए एक चेतावनी है कि प्रीमियम ट्रेन की देरी से यात्रियों को हुए नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।