रायगढ़। शहर को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में चल रहे विकास कार्यों का वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शुक्रवार को मैराथन निरीक्षण किया। उन्होंने ऑक्सीजोन, पुल, केलो रिवर फ्रंट, मरीन ड्राइव, नालंदा परिसर, खेल सुविधाओं समेत विभिन्न अधोसंरचना परियोजनाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को कार्यों को तय समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
कई प्रमुख परियोजनाओं का लिया जायजा
वित्त मंत्री ने दूध डेयरी ऑक्सीजोन से निरीक्षण की शुरुआत की। इसके बाद गोवर्धनपुर में केलो नदी पर निर्माणाधीन पुल, खर्राघाट स्थित केलो रिवर फ्रंट, नालंदा परिसर, एसईसीएल रोड मरीन ड्राइव, कयाघाट पुल, मिनी स्टेडियम स्थित स्केटिंग रिंग, कौहाकुंडा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, स्टेडियम और एफसीआई ऑक्सीजोन का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए जनप्रतिनिधि, प्रशासन, इंजीनियर और निर्माण एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। उद्देश्य सिर्फ निर्माण कराना नहीं, बल्कि शहर की अधोसंरचना को मजबूत कर नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है।
400 करोड़ से अधिक की लागत से रिंग रोड
ओ.पी. चौधरी ने रिंग रोड को रायगढ़ के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। पहले चरण में घरघोड़ा रोड को झारसुगुड़ा रोड से जोड़ने का काम किया जा रहा है, जिस पर 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में रायगढ़ से घरघोड़ा तक सड़क को फोरलेन करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। वित्त मंत्री के मुताबिक, आने वाले एक-दो वर्षों में रायगढ़ के विकास की तस्वीर जमीन पर स्पष्ट दिखाई देने लगेगी।
ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या का होगा समाधान
वित्त मंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के अनुरूप रायगढ़ में लंबे समय तक आवश्यक अधोसंरचना अपेक्षित गति से विकसित नहीं हो सकी। इसके चलते शहर को भारी वाहनों, ट्रैफिक, दुर्घटनाओं, धूल और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
अब इन चुनौतियों के स्थायी समाधान के लिए बेहतर सड़क, पुल, हरित क्षेत्र, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाओं और मजबूत अधोसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, इंजीनियर और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।