नई दिल्ली । कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड के हल्द्वानी दौरे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि रामलीला मैदान में उनके भाषण के बाद वहां ‘शुद्धिकरण’ किया गया। राहुल गांधी ने इस मामले में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।
‘शुद्धिकरण’ को बताया छुआछूत का दूसरा नाम
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि किसी दलित नेता के किसी सार्वजनिक स्थान या धार्मिक स्थल पर जाने के बाद उसका ‘शुद्धिकरण’ किया जाना भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे ‘छुआछूत का दूसरा नाम’ बताते हुए कहा कि संविधान में छुआछूत को गैरकानूनी घोषित किया गया है, ऐसे में इस तरह की घटनाओं पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कथित तौर पर इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो देश के आम दलित नागरिकों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता होगा।
गांव से शहर तक भेदभाव का दावा
राहुल गांधी ने दावा किया कि दलितों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव केवल ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरों में भी ऐसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने कुएं से पानी लेने से रोकने, चाय की दुकानों पर अलग-अलग कप देने और स्कूलों में दलित बच्चों से सफाई कराने जैसी घटनाओं का उल्लेख किया।
राजस्थान की घटना का भी किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने राजस्थान का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां कांग्रेस विधायक दल के नेता के मंदिर जाने के बाद मंदिर का ‘शुद्धिकरण’ किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि संविधान लागू होने के दशकों बाद भी सामाजिक भेदभाव की मानसिकता क्यों बनी हुई है।
राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी प्रथाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने समानता और सम्मान के संवैधानिक अधिकारों को जमीन पर लागू करने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।