नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर लोकतांत्रिक विरोध की आड़ में देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गुरुवार को कहा कि राहुल गांधी जिस राजनीतिक प्रतिरोध की बात कर रहे हैं, उसका उद्देश्य लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि देश में अराजकता के जरिए सत्ता परिवर्तन करना है।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भंडारी ने अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के बांग्लादेश के युवा आंदोलन से संबंधित बयान का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बोरा की टिप्पणियां और हालिया विरोध प्रदर्शनों में उनकी मौजूदगी कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े करती हैं।
बांग्लादेश के आंदोलन को लेकर भाजपा का हमला
भंडारी ने दावा किया कि नेहा बोरा ने बांग्लादेश में हुए युवा आंदोलन से प्रेरणा लेने की बात कही थी और वहां जैसी स्थिति भारत में भी पैदा करने की इच्छा जताई थी। भाजपा प्रवक्ता ने इन टिप्पणियों को राहुल गांधी की राजनीति से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और उससे जुड़े संगठन देश में बांग्लादेश जैसे आंदोलन की स्थिति पैदा करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे केंद्र की सत्ता में बदलाव लाने का उद्देश्य है। हालांकि, ये आरोप भाजपा प्रवक्ता ने लगाए हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
प्रशांत भूषण की टिप्पणी का भी किया उल्लेख
भाजपा प्रवक्ता ने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण की क्रांति और कथित खून-खराबे से संबंधित टिप्पणी का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रशांत भूषण की संयुक्त प्रेस वार्ता तथा विरोध प्रदर्शनों से जुड़े घटनाक्रम एक व्यापक राजनीतिक रणनीति की ओर संकेत करते हैं।
भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रतिरोध के नाम पर ऐसी गतिविधियों को वैधता देने की कोशिश कर रही है, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर सकती हैं।
राजनीतिक विरोध और सत्ता परिवर्तन पर बहस तेज
यह विवाद दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। इन प्रदर्शनों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप उठाए गए हैं।
विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने इन आंदोलनों के तौर-तरीकों और उनके राजनीतिक उद्देश्यों पर आपत्ति जताई है।
भाजपा के आरोपों पर इस संवाददाता सम्मेलन के समय कांग्रेस और नेहा बोरा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।