रायपुर | रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहा ‘सुशासन तिहार’ ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। शासन की इस पहल के जरिए दूरस्थ गांवों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है और लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है।
सरगुजा जिले की ग्राम पंचायत नान दमाली निवासी श्रीमती सोनिया लकड़ा लंबे समय से राशन कार्ड नहीं बनने की समस्या से जूझ रही थीं। राशन कार्ड नहीं होने के कारण उनका परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले खाद्यान्न से वंचित था।
शिविर में आवेदन, तुरंत मिला समाधान
सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की जानकारी मिलने पर सोनिया लकड़ा ने शिविर में पहुंचकर आवेदन प्रस्तुत किया। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के बाद मौके पर ही उनका नया राशन कार्ड जारी कर दिया।
राशन कार्ड हाथ में मिलते ही सोनिया लकड़ा के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि अब उनके परिवार को नियमित रूप से शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन मिल सकेगा।
“अब गांव में ही हो रहा समस्याओं का समाधान”
सोनिया लकड़ा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान गांव में ही हो गया। उन्होंने बताया कि पहले छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब प्रशासन खुद गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और तत्काल समाधान कर रहा है।
पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रही योजनाएं
राज्य सरकार के अनुसार ‘सुशासन तिहार’ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
प्रदेशभर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, वन अधिकार पत्र समेत विभिन्न योजनाओं से जुड़े आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है।