भारत | भारत अपने पहले स्वदेशी 5th Generation Stealth Fighter Jet AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) को बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा चुका है। रक्षा मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए अब सरकारी कंपनी Hindustan Aeronautics Limited की बजाय प्राइवेट कंसोर्टियम्स से बोली मांगी है।
HAL को क्यों किया गया बाहर?
HAL लंबे समय से भारतीय वायुसेना के लिए लड़ाकू विमान बनाती रही है। HAL Tejas भी इसी कंपनी ने तैयार किया है। लेकिन कंपनी पर लगातार डिलीवरी में देरी के आरोप लगते रहे हैं।
फरवरी 2025 में एयरो इंडिया के दौरान एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने HAL की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि कंपनी “मिशन मोड” में काम नहीं कर रही और तेजस की देरी का असर सीधे एयरफोर्स की क्षमता पर पड़ा है।
भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन के मुकाबले केवल 29 स्क्वाड्रन ही मौजूद हैं। ऐसे में सरकार AMCA प्रोजेक्ट में किसी तरह की देरी का जोखिम नहीं लेना चाहती।
किन कंपनियों को मिला मौका?
रक्षा सूत्रों के मुताबिक सरकार ने तीन बड़े प्राइवेट कंसोर्टियम्स को शॉर्टलिस्ट किया है:
- Tata Advanced Systems Limited
- Larsen & Toubro + Bharat Electronics Limited
- Bharat Forge + BEML
AMCA प्रोजेक्ट के लिए सरकार की सख्त शर्तें
सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए कड़ी समयसीमा और तकनीकी शर्तें तय की हैं।
- पहला प्रोटोटाइप 30 महीनों के भीतर उड़ान भरे
- 64 महीनों में पांचों प्रोटोटाइप तैयार हों
- 84 महीनों में करीब 1800 टेस्ट उड़ानें पूरी हों
- कंपनी को एयरफ्रेम, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, फ्यूल सिस्टम और फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम तक सब कुछ विकसित करना होगा
इस प्रोजेक्ट के लिए बोली जमा करने की आखिरी तारीख 27 जुलाई 2026 रखी गई है।
क्यों अहम है AMCA?
भारत फिलहाल Dassault Rafale, Sukhoi Su-30MKI, Mikoyan MiG-29, मिराज 2000 और जगुआर जैसे विमानों पर निर्भर है। इनमें कई विमान पुराने हो चुके हैं और रफाल भी स्टेल्थ तकनीक वाला फाइटर नहीं है।
ऐसे में AMCA भारत के लिए सिर्फ एक फाइटर जेट नहीं, बल्कि भविष्य की एयर पावर और रक्षा आत्मनिर्भरता का बड़ा दांव माना जा रहा है।