रायपुर । आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों को समय पर पूरा करने और किसानों को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्राधिकृत अधिकारी शशिकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में धान खरीदी, खाद वितरण, वित्तीय प्रबंधन और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
धान के समयबद्ध निराकरण के निर्देश
बैठक में खरीफ वर्ष 2025-26 में उपार्जित धान के निराकरण, मिलर्स द्वारा धान उठाव, भारतीय खाद्य निगम (FCI) और नान में चावल जमा, कस्टम मिलिंग, परिवहन व्यवस्था तथा समितियों में उपलब्ध शेष धान की स्थिति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों को धान का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के साथ उपलब्ध भंडारण क्षमता का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
धान खरीदी केंद्रों की तैयारियां समय पर पूरी करने पर जोर
आगामी खरीफ सीजन के लिए उपार्जन केंद्रों की अधोसंरचना, बारदाना, आवश्यक उपकरण और मानव संसाधन की उपलब्धता की समीक्षा की गई। इसके साथ ही किसान पंजीयन, सीसीटीवी, इंटरनेट और विद्युत व्यवस्था को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में यूरिया, डीएपी और एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। समितिवार वितरण, भंडारण, स्टॉक सत्यापन और परिवहन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आगामी सीजन की मांग के अनुरूप पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
वित्तीय प्रबंधन पर भी फोकस
लेखा शाखा की समीक्षा के दौरान आय-व्यय, वित्तीय स्थिति, लंबित देयकों की वसूली, भुगतान, ऑडिट आपत्तियों के निराकरण, बैंक मिलान और लंबित अग्रिम राशि के समायोजन की प्रगति पर चर्चा हुई।
इसके अलावा समितियों के लंबित प्रकरणों, शिकायतों और विभागीय निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को शाखावार जिम्मेदारी और कार्यों के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
लंबित कार्यों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
प्राधिकृत अधिकारी शशिकांत द्विवेदी ने सभी शाखा और कक्ष प्रभारियों को लंबित कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यवसायिक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करने और आगामी समीक्षा बैठक में अद्यतन प्रगति प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में आगामी धान खरीदी सीजन को व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाने के साथ सहकारिता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।