रायपुर । नवा रायपुर में CII Eastern Region द्वारा आयोजित 5th Edition of CII Green Steel & Mining Summit 2026 में वित्त मंत्री ओपी चौधरी शामिल हुए। ‘Decarbonizing the Indian Steel & Mining’ थीम पर आयोजित समिट में उन्होंने भारतीय इस्पात और खनन क्षेत्र को अधिक टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया।
हरित तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने पर जोर
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि भारत के तेज औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना आज की बड़ी प्राथमिकता है। स्टील और माइनिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए नई तकनीकों, ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार को बढ़ावा देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि डिकार्बोनाइजेशन को केवल पर्यावरण संरक्षण के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। यह आने वाले समय में उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और आर्थिक विकास से भी सीधे जुड़ा विषय है।
उद्योगों को सतत उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत
चौधरी ने कहा कि भारत को विकसित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए उद्योगों को हरित तकनीकों और सतत उत्पादन प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने खनन और इस्पात क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, संसाधनों के कुशल प्रबंधन और कम कार्बन वाली उत्पादन प्रक्रियाओं को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकार-उद्योग के बेहतर समन्वय पर बल
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार, उद्योग जगत और विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय से भारत ग्रीन इंडस्ट्रियल ग्रोथ का मजबूत मॉडल विकसित कर सकता है। इसके लिए तकनीकी नवाचार और आधुनिक औद्योगिक समाधानों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
समिट में इस्पात एवं खनन क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने डिकार्बोनाइजेशन, सतत विकास, नई तकनीकों और भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।