रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए भाजपा विधायकों से भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए वैकल्पिक स्थान की मांग करने की अपील की।
बैज ने कहा कि नकटी गांव में 30-40 वर्षों से रह रहे परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जिनमें प्रधानमंत्री आवास और इंदिरा आवास योजना के तहत बने कई घर भी शामिल थे। उनका आरोप है कि विधायक कॉलोनी बनाने के लिए गरीबों के आशियाने उजाड़े गए, जबकि नवा रायपुर में पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के नाम पर एक कमरे के मकान दिए जा रहे हैं, जो बड़े परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं हैं। साथ ही नए आवासों में बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी आरोप लगाया। बैज ने सरकार से प्रभावित परिवारों से माफी मांगने, उचित मुआवजा देने और सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधायक जनक राम ध्रुव और चातुरी नंद पहले ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नकटी में प्रस्तावित विधायक आवास लेने से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ-साथ भाजपा विधायकों से भी इसी तरह का कदम उठाने की अपील की।
बैज ने आरोप लगाया कि नकटी गांव की कार्रवाई से प्रदेश में भय का माहौल बना है और गरीबों के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के दौरान बच्चों की किताबें, साइकिल और घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हुए।
वहीं, इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया सीमित रही। मंत्री रामविचार नेताम और गजेंद्र यादव ने टिप्पणी करने से इंकार किया, जबकि विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि इस विषय पर विधायक अनुज शर्मा जवाब देंगे। अन्य भाजपा विधायकों से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी।
नकटी गांव में हुई कार्रवाई को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है और यह मामला अब सत्ता और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है।