रायपुर | केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद देशभर में सियासी घमासान तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि धर्मेंद्र प्रधान का यह इस्तीफा नैतिकता के आधार पर नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री द्वारा अपनी कुर्सी बचाने की मजबूरी में लिया गया फैसला है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
-
नैतिकता नहीं, मजबूरी का इस्तीफा: दीपक बैज का दावा— जब देश के युवाओं ने सीधे प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगना शुरू किया, तो अपनी कुर्सी बचाने के लिए धर्मेंद्र प्रधान से त्यागपत्र लिया गया।
-
युवाओं और राहुल गांधी के संघर्ष की जीत: इस इस्तीफे को करोड़ों छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन और राहुल गांधी के निरंतर समर्थन का परिणाम बताया।
-
पुलिस बर्बरता पर सवाल: जंतर-मंतर और विभिन्न शहरों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
-
अन्य सियासी प्रतिक्रियाएं: अरविंद केजरीवाल, आरजेडी (RJD) और दिग्विजय चौटाला समेत कई विपक्षी नेताओं ने इसे युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत बताया।
‘अपनी कुर्सी बचाने के लिए मांगा इस्तीफा’: दीपक बैज
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी वीडियो संदेश में PCC प्रमुख दीपक बैज ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा:
“यह नैतिकता के आधार पर नहीं, बल्कि मजबूरी में दिया गया इस्तीफा है। जंतर-मंतर समेत देशभर के कई शहरों में जब छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तब सरकार ने उनसे बात करने के बजाय उन पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कराया। जब देश के युवाओं ने सीधे प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया और पीएम की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा, तब अपनी कुर्सी बचाने के लिए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया।”
बैज ने आगे कहा कि देश के युवाओं की एकजुट आवाज़, लोकतांत्रिक संघर्ष और राहुल गांधी के समर्थन ने सत्ता को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुई इस बर्बर कार्रवाई को इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
इस्तीफे पर देश भर से उभरी प्रमुख सियासी प्रतिक्रियाएं
धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने की खबर के बाद देशभर से राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं:
-
अरविंद केजरीवाल (AAP): उन्होंने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “देश के छात्रों और युवाओं के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत” बताया।
-
मनोज झा व अहमद (RJD): आरजेडी नेताओं ने कड़ा वार करते हुए कहा कि यह “अहंकार की हार और युवाओं की जीत” है।
-
दिग्विजय चौटाला का आंदोलन: दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई लाठीचार्ज की घटना के विरोध में दिग्विजय चौटाला हरियाणा के सिरसा में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
-
संयुक्त राष्ट्र (UN) की टिप्पणी: दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और लाठीचार्ज की घटनाओं पर UN ने बयान जारी कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने की अपील की और सैकड़ों छात्रों के घायल होने पर चिंता व्यक्त की।
-
इंदौर में जश्न: 24 दिनों से जारी आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही इंदौर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने ढोल-मंजीरे बजाकर जश्न मनाया।