बिलासपुर । हालिया घटनाक्रम के बाद शहर में शांति और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए बिलासपुर के विभिन्न समाज, समुदाय, संगठन और नागरिक एकजुट हुए हैं। बुधवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में आयोजित शांति समिति की बैठक में शांति व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि 3 सितंबर को शहर में शांति मार्च निकाला जाएगा।
शांति मार्च शाम 4 बजे नेहरू चौक से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गांधी चौक पहुंचेगा। शांति समिति ने सभी समाज और समुदाय के लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होकर शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने की अपील की है।

अफवाहों पर ध्यान न दें : कलेक्टर
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर की पहचान शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे से रही है। मौजूदा परिस्थितियों में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह संयम बनाए रखे और शहर के शांतिपूर्ण वातावरण को मजबूत करने में प्रशासन का सहयोग करे।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें। सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से मिलने वाली अपुष्ट जानकारी को आगे प्रसारित करने से भी बचें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और शहर में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

त्योहारों में अनुशासन जरूरी : एसएसपी
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि शहर में अब स्थिति सामान्य है। इसे बनाए रखने में शहरवासियों और मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने आगामी तीज-त्योहारों को देखते हुए नागरिकों और आयोजन समितियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी आयोजन में नशे की हालत में या हथियार लेकर आने वाले लोगों को शामिल न किया जाए। आयोजकों को भी आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा गया।

विवाद की स्थिति में पुलिस को दें सूचना
एसएसपी ने नागरिकों से कहा कि किसी भी तरह की अफवाह, भ्रामक सूचना या विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग, संयम और भाईचारे से ही शहर की शांति को स्थायी रूप से मजबूत किया जा सकता है।
बैठक में एडीएम शिवकुमार बनर्जी, एडिशनल एसपी पंकज पटेल, एसडीएम मनीष साहू सहित शांति समिति के सदस्य, विभिन्न समाजों एवं संगठनों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।