भारत में लोकतंत्र की 75 वर्ष की यात्रा की सफलता का आधार हमारा लोकतंत्र: ओम बिरला

नई दिल्ली । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की 75 वर्ष की यात्रा की सफलता का आधार देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों और जनता की भागीदारी में निहित है। उन्होंने ब्रिक्स देशों से वैश्विक दक्षिण के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

ओम बिरला सोमवार को संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में ब्रिक्स सदस्य देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडलों की उपस्थिति और उनके साझा संकल्प सभी के लिए एक विशेष अनुभव हैं।

वैश्विक दक्षिण की आकांक्षाओं पर जोर

लोकसभा अध्यक्ष ने ब्रिक्स देशों के बीच संसदीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को वैश्विक दक्षिण के लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए।

ब्रिक्स देशों के बीच संवाद और सहयोग के माध्यम से साझा चुनौतियों पर चर्चा करने तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण हैं।

लोकतांत्रिक मूल्यों की अहम भूमिका

ओम बिरला ने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का उल्लेख करते हुए लोकतंत्र की मजबूती और निरंतरता को देश की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। भारत में संसदीय परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों की भूमिका लोकतांत्रिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने में अहम रही है।

ब्रिक्स संसदीय मंच सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को साझा मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और आपसी सहयोग के अवसर तलाशने का मंच प्रदान करता है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *