नशामुक्त युवा ही बनाएंगे विकसित भारत: मंत्री लखनलाल देवांगन ने युवाओं से नशे से दूर रहने का किया आह्वान

रायपुर । नशा व्यक्ति के जीवन, परिवार और समाज को प्रभावित करता है। यह जीवन को खोखला कर देता है और व्यक्ति की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बनता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर अनुशासन, संकल्प और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। यह बात छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्य कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने शासकीय ई.वी.पी.जी. महाविद्यालय कोरबा में आयोजित जिला स्तरीय ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान कार्यक्रम में कही।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अभियान शुभारंभ संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया। प्रधानमंत्री ने देशभर के जेन-जी युवाओं से नशे से दूर रहने का संकल्प लेने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना है, जिसे साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने और जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने महाविद्यालय से जुड़ी समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया।

नशे के कारण परिवार टूट रहे हैं: महापौर संजू देवी राजपूत

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि नशे के कारण परिवार बिखर रहे हैं और अपराधों में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहते हुए प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में सहयोग देने की अपील की। इस अवसर पर उपस्थित युवाओं को नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया गया।

‘नशे को ना कहें, जिंदगी को हां’: कलेक्टर कुणाल दुदावत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को इससे बाहर निकालना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से नशे का आदी नहीं होता, बल्कि गलत संगति और परिस्थितियों के कारण धीरे-धीरे इसकी चपेट में आ जाता है।

उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शुरुआत में ही नशे से दूरी बनाने का संकल्प जीवन को सही दिशा देता है। नशा मानसिक, बौद्धिक और शारीरिक विकास का सबसे बड़ा शत्रु है। इसके दुष्परिणाम तुरंत दिखाई नहीं देते, लेकिन समय के साथ यह शरीर और जीवन दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।

कलेक्टर ने युवाओं से अपील की कि जिस तरह लोग अपने मोबाइल और वाहनों को सुरक्षित रखते हैं, उसी तरह अपने शरीर और स्वास्थ्य की भी रक्षा करें, क्योंकि स्वस्थ शरीर ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा— “नशे को ना कहें और जिंदगी को हां।”

58 हजार युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

कलेक्टर श्री दुदावत ने माय भारत फॉर युवा अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में लगभग 58 हजार युवाओं को इस अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 32 हजार से अधिक युवा इससे जुड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए समाज कल्याण विभाग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से युवाओं को इंटर्नशिप, नेतृत्व विकास, राष्ट्रीय गतिविधियों और अध्ययन यात्राओं में भागीदारी के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान की जानकारी नोडल अधिकारी श्री सतीश प्रकाश सिंह ने दी। अतिथियों का स्वागत पौध भेंट कर किया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कँवर, नगर निगम सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. बी.एल. साय, प्राध्यापकगण, जनप्रतिनिधि, एनएसएस स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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