दिल्ली में नवजात तस्करी गिरोह का खुलासा, सरोगेसी और IVF के नाम पर चल रहा था 9 लाख का ‘बेबी रैकेट’

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक चौंकाने वाले नवजात तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह निसंतान दंपतियों को सरोगेसी और IVF उपचार का झांसा देकर अवैध तरीके से नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क चला रहा था।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली के बेगमपुर स्थित हीरा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल से जुड़े इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने गिरोह की कथित सरगना डॉ. विवेकी से पूछताछ के बाद इस पूरे रैकेट की परतें खंगालनी शुरू कर दी हैं।

आरोप है कि गिरोह करीब 9 लाख रुपये के पैकेज में निसंतान दंपतियों को “सरोगेसी और पुत्र प्राप्ति” का झांसा देता था। जांच में यह भी सामने आया है कि दंपतियों को फर्जी मेडिकल प्रक्रिया दिखाकर उन्हें बच्चों के जन्म का भरोसा दिलाया जाता था।

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है। अदालत ने डॉ. विवेकी को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है, जबकि उनके पति डॉ. हीरा की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

मामले में एक दंपति को कथित रूप से दो नवजात बच्चे सौंपे जाने का भी खुलासा हुआ है, जिन्हें जुड़वां जन्म का दावा कर दिया गया था। वहीं पुलिस को अब तक कई राज्यों में फैले इस रैकेट के लिंक मिलने की जानकारी मिली है।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरोह में शामिल लोग बच्चों की खरीद-फरोख्त के लिए अलग-अलग राज्यों में सक्रिय थे और अस्पताल को केंद्र बनाकर यह पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

पुलिस ने अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 5 नवजात शिशुओं को सुरक्षित बरामद किया गया है। वहीं, पूरे नेटवर्क, अस्पताल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच जारी है।

अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक अस्पताल तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय रैकेट होने की आशंका है।

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