नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। शुक्रवार को बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में छात्र, वकील और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बिहार में छात्रों का मार्च, कई जिलों में प्रदर्शन
बिहार में NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। पटना में प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बक्सर में छात्र पोस्टर और बैनर लेकर सड़क पर उतरे। वहीं वैशाली में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
मधुबनी और समस्तीपुर में भी विरोध प्रदर्शन हुए। मुजफ्फरपुर में प्रशासन ने कानून व्यवस्था को देखते हुए 26 जुलाई तक इंटरनेट सेवा बंद करने का फैसला लिया है।
राजस्थान में वकीलों का धरना, छात्रों की भूख हड़ताल जारी
राजस्थान के जयपुर में NEET मामले को लेकर वकीलों ने धरना दिया। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच से जुड़े वकीलों ने छात्रों के समर्थन में पैदल मार्च निकाला। यह मार्च हाईकोर्ट गेट नंबर-3 से अंबेडकर सर्किल तक पहुंचा।
वहीं राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्र नेता शुभम रेवाड़ के नेतृत्व में छात्रों की भूख हड़ताल जारी है।
उत्तर प्रदेश में सड़क पर उतरे छात्र और वकील
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में वकीलों ने जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। मेरठ में प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली, जबकि लखीमपुर में छात्रों ने तिरंगा और पोस्टर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताया।
कानपुर में भी प्रदर्शन हुआ, जहां सपा विधायक ने ढपली बजाकर विरोध दर्ज कराया। वाराणसी में BHU छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है।
मध्य प्रदेश में कई शहरों में प्रदर्शन
मध्य प्रदेश में भी पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में आंदोलन जारी है। इंदौर में सैकड़ों छात्र टंट्या भील चौराहे पर धरने पर बैठे। रीवा, उमरिया, बड़वानी और श्योपुर में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
हरियाणा और उत्तराखंड में भी विरोध
हरियाणा में पंचकूला समेत कई जिलों में प्रदर्शन हुए। पंचकूला में वकील नारेबाजी करते हुए डीसी कार्यालय पहुंचे। रोहतक, हिसार, भिवानी और यमुनानगर में भी धरना प्रदर्शन किया गया।
उत्तराखंड के देहरादून, हल्द्वानी और अल्मोड़ा में छात्रों और संगठनों ने प्रदर्शन किया। देहरादून में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया गया, जबकि अल्मोड़ा में छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।
देश के अन्य हिस्सों में भी गूंजा विरोध
मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई में भी NEET मामले को लेकर प्रदर्शन हुए। छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक रोकने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। मामले को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों का विरोध लगातार जारी है।