नई दिल्ली | नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान सरकार की नीतियों से हुआ है।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट को टैग करते हुए लिखा कि शिक्षा व्यवस्था पर कब्जे और उसके कथित नुकसान के लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक से जुड़े लोगों को संरक्षण दिया गया।
राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनकी तीन प्रमुख मांगें हैं—
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
- छात्रों से माफी मांगी जाए।
- प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाए जाएं।
वहीं, नीट पेपर लीक को लेकर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की है। इससे पहले CJP लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही थी।
PM मोदी ने किया था फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नीट पेपर लीक मामले पर बड़ा कदम उठाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा था कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को इस फैसले को लागू करने के लिए जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां सरकार सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष लगातार जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है।