रांची | झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने जेपीएससी मेन्स परीक्षा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। आयोग ने JPSC Mains Exam 2025 (Advt No. 01/2026) समेत अन्य निर्धारित परीक्षाओं को अगले आदेश तक टालने का फैसला लिया है।
यह निर्णय 14वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) के परिणाम में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच लिया गया है। इस मामले की जांच फिलहाल CID कर रही है।
परीक्षा स्थगित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रांची स्थित JPSC कार्यालय का घेराव करते हुए कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि JPSC की प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट में कई खामियां हैं। उनका कहना है कि जारी परिणाम पर आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं और कटऑफ अंक भी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने परीक्षा संचालन के लिए चयनित एजेंसी पर भी सवाल उठाए हैं।
BJP और BJYM नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है और पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराई जानी चाहिए।
निशिकांत दुबे ने सरकार पर साधा निशाना
परीक्षा स्थगित होने के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इसे आंदोलन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को आखिरकार दबाव में फैसला लेना पड़ा, लेकिन केवल परीक्षा स्थगित करना पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने मांग की कि कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जाए। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा मिलने तक भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा।
फिलहाल JPSC ने परीक्षा स्थगित करने के पीछे विशेष कारणों का उल्लेख किया है, जबकि कथित अनियमितताओं को लेकर जांच और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।