नई दिल्ली | NEET पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के ऐलान के बाद अब पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों और हाई कोर्ट से विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने का अनुरोध करेगी। इन अदालतों में NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों की रोजाना सुनवाई की जाएगी, ताकि जांच और ट्रायल में देरी न हो और दोषियों के खिलाफ जल्द फैसला आ सके।
चार राज्यों में बन सकते हैं विशेष कोर्ट
जानकारी के अनुसार, NEET पेपर लीक मामले में दर्ज एफआईआर की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इनमें से दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार से जुड़े हैं।
सार्वजनिक परीक्षा कानून के तहत होगी कार्रवाई
NEET पेपर लीक के आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। यह कानून 21 जून 2024 से देशभर में लागू है।
इस कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, सॉल्वर गैंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के गलत इस्तेमाल और अन्य अनुचित तरीकों पर रोक लगाना है। कानून में दोषी पाए जाने वालों के लिए सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
NTA की परीक्षाओं पर लागू है कानून
यह अधिनियम UPSC, SSC, रेलवे भर्ती बोर्ड, IBPS, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की भर्ती परीक्षाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं पर लागू होता है। चूंकि NEET का आयोजन भी NTA करती है, इसलिए पेपर लीक मामले में इसी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
NEET पेपर लीक मामले में चार FIR दर्ज
सूत्रों के अनुसार, NEET पेपर लीक मामले में अब तक इस कानून के तहत चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। सरकार का मानना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन से मामलों की सुनवाई तेजी से होगी और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं भरोसा बहाल करने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले कहा था कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।