चंद्रपुर शहर वासी सड़कों की बदतर स्थिति को लेकर 9 नवंबर को करेंगे जन आंदोलन, शहर के व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर करेंगे विरोध, 7 नवंबर को आयोजित शहरवासियों की बैठक में लिया गया निर्णय
सक्ति– चंद्रपुर शहर के प्रमुख मार्गों की विगत वर्षो से जर्जर एवं बदतर स्थिति से परेशान शहर वासियों ने 7 नवंबर को एक बैठक आयोजित कर आगामी 9 नवंबर को शहर बंद करने का निर्णय लिया है, तथा इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से शहर वासियों ने संपन्न बैठक की जानकारी देते हुए बताया है कि चंद्रपुर मांड नदी से महानदी पुल तक की जर्जर एवं बदतर स्थिति को देखते हुए पूरे शहरवासी परेशान हैं, तथा उक्त मार्ग पर आवागमन दूभर हो गया है, एवं विगत 2 वर्षों से 4 किलोमीटर की सड़क का निर्माण अनेकों बार संबंधित विभाग एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराए जाने के बावजूद नहीं हो पाया है, जिससे शहर वासी मजबूर होकर 9 नवंबर को अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे, साथ ही यदि 9 नवंबर तक उपरोक्त सड़क के निर्माण के संबंध में कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो आगे भी जन आंदोलन किया जाएगा, तथा चंद्रपुर शहर के नागरिकों ने अनुविभागीय अधिकारी डभरा को भी उपरोक्त आंदोलन की सूचना प्रेषित करते हुए सड़क निर्माण की मांग की है,तथा 7 नवंबर को शहरवासियों की एक सर्वदलीय बैठक मंदिर परिसर चंद्रपुर में संपन्न हुई,जिसमें सभी ने सर्वसम्मति से अपनी दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया, तथा बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों का कहना था कि विगत 2 साल में शहर के विभिन्न संगठनों द्वारा समय-समय पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करवाया गया है, किंतु शहर की सड़कों का पुनर्निर्माण करने एवं जर्जर हो चुकी सड़कों को नवीनीकरण के संबंध में कोई पहल नहीं की गई,तथा विगत महीनों से आसपास के क्षेत्र में फ्लाई एस के बढ़ते उपयोग के चलते आए दिन आवागमन- परिवहन बढ़ता जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओ की संभावनाए बनी हुई हैं, तो वही धूल का गुबार भी दिन भर उड़ता रहता है, बैठक में बताया गया कि चंदली से लात नाला तक पूर्णता जर्जर हो चुकी सड़क का भी जीर्णोद्धार किया जाना चाहिए एवं शहर वासी इन सभी मांगों को लेकर अपना आंदोलन करेंगे
उल्लेखित हो कि जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न स्थानों पर प्रमुख मार्गों की जर्जर स्थिति को लेकर आए दिन नागरिक तथा विभिन्न राजनीतिक दल एवं संगठन अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, विगत महीनों जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय में राज्य के विपक्षी राजनीतिक दल द्वारा भी वृहत रूप से सड़कों की जर्जर स्थिति को लेकर जन आंदोलन किया गया था, तथा डभरा मुख्यालय में भी आए दिन डभरा से चंद्रपुर एवं डभरा से भदरी चौक तक की बदतर स्थिति को देखते हुए एवम सड़कों की जर्जर स्थिति को लेकर आंदोलन किया जाता रहा है, एवं शक्ति क्षेत्र के अंतर्गत भी प्रमुख मार्गों की स्थिति सुधर नहीं पा रही है,चाहे वह राष्ट्रीय राजमार्ग की बात हो या की लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मार्गों की बात हो, आज पुरानी सड़कों का पुनर्निर्माण करने की दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है, शक्ति शहर सीमा में ही देखा जाए तो अग्रसेन चौक से लेकर शनि मंदिर होते हुए नारायण सागर,राजापारा, कसेर पारा, रगजा तक की सड़क की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है, कि यहां दिनभर धूल के गुबार उड़ते हैं एवं लोगों के स्वास्थ्य पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है किंतु ना जाने क्यों इसके बावजूद संबंधित विभाग एवं जनप्रतिनिधि इस और क्यों ध्यान नहीं देते यह समझ से परे है तथा जनता को विकास- विकास की बात कही जाती है, किंतु सड़कों की बदतर स्थिति को देखकर विकास तो कहीं नजर नहीं आता उल्टा नागरिक परेशान जरूर हैं, चंद्रपुर शहर आदि शक्ति मां चंद्रहासिनी देवी की पवित्र धर्म नगरी है, तथा यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग दूसरे राज्यों से भी दर्शन करने के लिए आते हैं, तथा यहां सड़कों की बदतर स्थिति के चलते जहां जांजगीर-चांपा जिले की पहचान भी कहीं न कहीं धूमिल हो रही है,तो वहीं दर्शन करने आने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, किंतु इसके बावजूद ना जाने क्यों राज्य शासन द्वारा प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में सड़कों की इतनी जर्जर स्थिति को सुधारने हेतु क्यों प्रयास नहीं किया जा रहा है यह समझ से परे है
8 नवंबर को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रायगढ़ जिले के खरसिया एवं जांजगीर-चांपा जिले के मालखरोदा विकासखंड के अंतर्गत भाटा गांव में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने आ रहे हैं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चंद्रपुर शहर वासियों का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सड़कों की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन प्रेषित कर सकता है