रायपुर । चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न्स की समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री रितेश अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आईएमए प्रतिनिधियों और प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न्स ने अपनी मांगों और समस्याओं को रखा। बैठक में सभी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई और समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति बनी।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर गंभीरता से विचार
बैठक के दौरान इंटर्न्स ने अपनी प्रमुख मांग रखते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने का विषय उठाया। इस पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया कि छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इंटर्न्स के स्टाइपेंड से संबंधित मांग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेजों में हॉस्टल निर्माण को मंजूरी
बैठक में विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में प्रदेश के लगभग सभी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, की गई अपील
बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों से अपील की गई कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे तौर पर जनहित से जुड़ी होती हैं, इसलिए किसी भी परिस्थिति में चिकित्सा सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए। मरीजों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवाद और सहयोग के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने पर जोर दिया गया।
आईएमए-एमएसएन छत्तीसगढ़ के संयोजक श्री शाहदिल खुसरू ने कहा कि यह बैठक समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक वातावरण में चर्चा हुई और आगे भी संवाद एवं सहयोग की भावना बनाए रखने पर सहमति बनी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस विषय पर संतोषजनक समाधान निकलेगा।
बैठक में पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव, कांकेर और अंबिकापुर के इंटर्न्स सहित संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।