नई दिल्ली | अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत यात्रा से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत को जितनी ऊर्जा की जरूरत है, अमेरिका देने को तैयार है और नई दिल्ली को अपने लिए एक महत्वपूर्ण और अहम साझेदार बताया।
रूबियो की यह टिप्पणी क्वाड (QUAD) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले आई है, जो 26 मई को नई दिल्ली में आयोजित होगी। इस बैठक की अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे। बैठक में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत के विदेश मंत्री शामिल होंगे।
स्वीडन और भारत की यात्रा पर रवाना होते समय मियामी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रूबियो ने कहा कि यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें क्वाड देशों के मंत्रियों से मिलने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, “हम उनके साथ मिलकर बहुत अच्छा काम करते हैं और यह यात्रा हमारे सहयोग को और मजबूत करेगी।”
रूबियो ने ऊर्जा की जरूरतों पर भी विस्तार से टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “हम उन्हें उतनी ऊर्जा बेचना चाहते हैं, जितनी वे खरीद सकें। अमेरिकी उत्पादन और निर्यात के ऐतिहासिक स्तर के कारण हम भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ उनके संबंध महान साझेदारी और सहयोग पर आधारित हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री 23 से 26 मई तक भारत में रहेंगे। इस दौरान वे नई दिल्ली, कोलकाता, आगरा और जयपुर का दौरा करेंगे। रुबियो लगभग 14 वर्षों में कोलकाता आने वाले पहले अमेरिकी विदेश मंत्री होंगे। इससे पहले साल 2012 में तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था।
क्वाड बैठक में रूसियो के अलावा ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग और जापान के मोटेगी तोशिमित्सु भी भाग लेंगे। बैठक का संचालन और अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे।
इस दौरे से भारत-अमेरिका संबंधों में और मजबूती आने की उम्मीद है, खासकर ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में।