कोलकाता | पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) को बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से शिष्टाचार भेंट के बाद ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इस घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट से अपना कोई भी उम्मीदवार न उतारने और कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की है।
मुख्य बातें:
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उम्मीदवार का नाम वापसी: नंदीग्राम सीट से ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान ने चुनाव से पीछे हटने का फैसला किया है। नामांकन वापस लेने से पहले उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से हुई थी, जिसे ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया गया था।
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कांग्रेस को समर्थन: संचिता के पीछे हटने के बाद ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी अब नंदीग्राम उपचुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी और इसके बजाय कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देगी।
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बीजेपी पर हमला: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी बीजेपी और चुनाव आयोग पर जमकर बरसीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को तोड़ा जा रहा है और कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। ममता ने दावा किया कि उनके 14 हजार कार्यकर्ता जेल में हैं और उन्हें नजरबंद किया जा रहा है।
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पार्टी छोड़ने से इनकार: ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जब तक मैं इस दुनिया में हूं, मैं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ सकती। हम कभी सिर नहीं झुकाएंगे और वापसी करेंगे।”
नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़े इस राजनीतिक घटनाक्रम ने राज्य की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है।