मालवीय नगर अग्निकांड: कुक केशव नेगी की गिरफ्तारी पर सियासी घमासान

नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) होटल में हुए भीषण अग्निकांड की जांच के बीच पुलिस ने होटल के कुक केशव नेगी को गिरफ्तार किया है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। गिरफ्तारी के बाद मामला अब सियासी रंग भी लेने लगा है और उत्तराखंड में केशव नेगी के समर्थन में आवाजें उठने लगी हैं।

पुलिस के अनुसार, 65 वर्षीय केशव नेगी मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी हैं और दिल्ली के दिलशाद गार्डन इलाके में रह रहे थे। वह हौज रानी स्थित ‘फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट’ में बतौर कुक कार्यरत थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि शुरुआती जांच में उनकी कथित लापरवाही आग लगने की संभावित वजहों में शामिल पाई गई है।

आखिर क्यों हुई गिरफ्तारी?

पुलिस का आरोप है कि घटना के दौरान रसोई क्षेत्र में हुई कुछ चूकें आग के तेजी से फैलने का कारण बन सकती हैं। करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद केशव नेगी को गिरफ्तार किया गया और अदालत ने उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

हालांकि पूछताछ में नेगी ने दावा किया कि किचन में इलेक्ट्रिक स्टोव चालू करने के कुछ समय बाद किसी उपकरण में तकनीकी खराबी के कारण आग लगी थी। उनका कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि हालात पर नियंत्रण पाना संभव नहीं था।

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि आग लगने के बाद मुख्य बिजली आपूर्ति बंद करने और मौके से निकलने में उनकी क्या भूमिका रही।

सुरक्षा तंत्र फेल होने से बढ़ा नुकसान

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिससे होटल का इलेक्ट्रॉनिक एग्जिट सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरण काम करना बंद कर गए। इसके कारण लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

अधिकारियों के मुताबिक, कई निकास मार्ग प्रभावी रूप से बंद हो गए थे, जिससे इमारत में फंसे लोगों के लिए बचाव के विकल्प सीमित हो गए। जांच का फोकस अब केवल रसोई की लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर भी है।

उत्तराखंड सरकार ने निष्पक्ष जांच की मांग की

मामले को लेकर उत्तराखंड में भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडियों के हितों और अधिकारों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गहन जांच जरूरी है।

बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री धामी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बीच भी चर्चा हुई है।

आज साकेत कोर्ट में पेशी

पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद केशव नेगी को सोमवार को साकेत कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। वहीं जांच एजेंसियां आग लगने के कारणों, सुरक्षा मानकों में संभावित उल्लंघन और होटल संचालन से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।

मालवीय नगर अग्निकांड की जांच अब कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है। एक ओर कुक की कथित भूमिका की जांच हो रही है, वहीं दूसरी ओर होटल की सुरक्षा व्यवस्था, प्रबंधन की जिम्मेदारी और नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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