बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में इंसानियत को शर्मसार करने वाले मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। 11 साल की सौतेली बेटी से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने वाले आरोपी पिता को विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा दी है। कोर्ट ने आरोपी के कृत्य को बच्ची के विश्वास और संरक्षण के अधिकार का गंभीर उल्लंघन बताया।
अपर सत्र न्यायाधीश पूजा जायसवाल की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही पीड़िता को 7 लाख रुपये मुआवजा देने की अनुशंसा की गई है।
मामला तब सामने आया जब रतनपुर क्षेत्र में आयुष्मान सर्वे के दौरान बच्ची की स्थिति देखकर मितानिन को शक हुआ। बच्ची का पेट असामान्य रूप से बढ़ा हुआ था। अस्पताल में जांच के बाद खुलासा हुआ कि वह 8 माह की गर्भवती है।
जांच में सामने आया कि आरोपी बच्ची को मुंबई ले गया था, जहां एक निर्माणाधीन इमारत में गार्ड का काम करता था। आरोप है कि वहीं उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और धमकी देकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर किया।
पुलिस जांच में डीएनए रिपोर्ट अहम सबूत बनी। नवजात शिशु और आरोपी के सैंपल की जांच में जैविक संबंध की पुष्टि हुई। कोर्ट ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और पुलिस की विवेचना को आधार बनाकर यह फैसला सुनाया।
अदालत ने टिप्पणी की कि जिस व्यक्ति पर बच्ची की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी थी, उसी ने उसके भरोसे को तोड़ा। कोर्ट का यह फैसला ऐसे मामलों में कड़ा संदेश माना जा रहा है।