नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक कार्गो शिप पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन करते हुए होर्मुज से गुजर रहे एक व्यावसायिक जहाज पर ड्रोन हमला किया था।
होर्मुज में कार्गो शिप पर हुआ ड्रोन हमला
ट्रंप के अनुसार, ईरान ने जहाज पर चार वन-वे अटैक ड्रोन दागे। इनमें से एक ड्रोन जहाज से टकराया, जिससे उसे नुकसान पहुंचा, लेकिन जहाज आगे बढ़ने में सफल रहा। वहीं तीन अन्य ड्रोन को अमेरिकी सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया।
ट्रंप ने इसे सीजफायर समझौते का उल्लंघन बताते हुए कहा कि जवाबी कार्रवाई जरूरी थी।
अमेरिकी सेना ने किए हवाई हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। अमेरिका के मुताबिक यह कार्रवाई उस हमले के जवाब में की गई, जिसमें ओमान तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक कारोबारी जहाज को निशाना बनाया गया था।
इजराइल-लेबनान समझौते का मसौदा भी जारी
इसी बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने इजराइल और लेबनान के बीच प्रस्तावित समझौते का 14 पॉइंट मसौदा जारी किया है। इसके अनुसार लेबनानी सेना पूरे देश में नियंत्रण मजबूत करेगी, जबकि हथियारबंद समूहों को अपने हथियार छोड़ने होंगे।
माना जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया की स्थिति को और जटिल बना सकता है।