नई दिल्ली/मुंबई । महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लगा है, जब पार्टी के 6 सांसदों ने कथित तौर पर एकनाथ शिंदे गुट को समर्थन देने का निर्णय लिया और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा।
सूत्रों के अनुसार, इन सांसदों ने सुबह करीब 9:30 बजे अलग-अलग स्थानों से दिल्ली पहुंचकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को समर्थन पत्र सौंपा, जिसमें शिंदे गुट के साथ जुड़ने की बात कही गई है।
पार्टी में बड़ी टूट
इस घटनाक्रम के बाद शिवसेना (यूबीटी) के पास अब केवल 3 लोकसभा सांसद बचे होने की बात सामने आ रही है। कथित तौर पर जिन सांसदों ने समर्थन दिया है, उनमें संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टिकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल के नाम शामिल हैं।
हालांकि, इनमें से कुछ सांसदों ने पहले पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज भी किया था।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस घटनाक्रम के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बागी सांसदों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी भरे बयान दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी से विश्वासघात करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और इस पूरे घटनाक्रम को “ऑपरेशन टाइगर” बताया।
चार साल पुराने राजनीतिक घटनाक्रम की याद
यह घटनाक्रम 2022 में हुई शिवसेना टूट की याद भी दिलाता है, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायक अलग हो गए थे और महाराष्ट्र की सत्ता में बड़ा बदलाव हुआ था।
आगे की प्रक्रिया पर नजर
अब सभी की नजरें लोकसभा अध्यक्ष की ओर हैं, जो इस समर्थन पत्र और दावों की वैधता पर आगे की प्रक्रिया तय कर सकते हैं। इस घटनाक्रम से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।