कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और झटका लगा है। बिधाननगर नगर निगम के पूर्व चेयरमैन और टीएमसी नेता सव्यसाची दत्ता को पुलिस ने कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद कोर्ट परिसर के बाहर जमकर हंगामा हुआ, जहां गुस्साए लोगों ने उन पर अंडे, टमाटर और गोबर फेंककर विरोध जताया।
पुलिस के अनुसार सव्यसाची दत्ता को बिधाननगर नॉर्थ थाने की टीम ने उनके राजारहाट स्थित आवास से गिरफ्तार किया। उन पर एक कारोबारी से कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है और कुछ अहम सबूत मिले हैं।
कोर्ट ले जाते समय हुआ विरोध प्रदर्शन
गिरफ्तारी के बाद जब सव्यसाची दत्ता को अदालत में पेशी के लिए ले जाया गया, तो कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद लोगों ने जमकर विरोध किया। नाराज भीड़ ने उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए अंडे, टमाटर और गोबर फेंके। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए सुरक्षा बढ़ानी पड़ी।
वायरल ऑडियो क्लिप की भी जांच
मामले में एक कथित ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें कथित रूप से दत्ता की आवाज कारोबारी से पैसों की मांग करते हुए सुनाई दे रही है। हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वकील ने गिरफ्तारी को बताया गैरकानूनी
वहीं सव्यसाची दत्ता के वकील ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि पुलिस ने 8 जून को ही दत्ता को हिरासत में ले लिया था, जबकि शिकायतकर्ता की एफआईआर 9 जून को दर्ज हुई। दूसरी ओर सरकारी पक्ष ने कोर्ट में कहा कि रंगदारी मामले से जुड़े पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और पहले भी कथित तौर पर भुगतान किए गए थे।
सव्यसाची दत्ता पहले बीजेपी में थे, बाद में उन्होंने टीएमसी का दामन थाम लिया था। राजारहाट, सॉल्ट लेक और न्यू टाउन क्षेत्र में वह लंबे समय से एक प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा माने जाते रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।