बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक व्यवस्था से जुड़ा बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करने की सिफारिश की है। यह सिफारिश ऐसे समय में हुई है, जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आने वाले दिनों में तीन न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
जस्टिस मोहपात्रा को सिविल, क्रिमिनल, सर्विस और संवैधानिक मामलों में करीब 26 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वे 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। न्यायिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में उनका स्थानांतरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन जज जल्द होंगे रिटायर
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वर्तमान में चीफ जस्टिस समेत कुल 13 न्यायाधीश कार्यरत हैं। इनमें से तीन न्यायाधीश आने वाले महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
जानकारी के मुताबिक जस्टिस संजय एस. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल अगस्त 2026 में, जबकि चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा सितंबर 2026 में सेवानिवृत्त होंगे। ऐसे में जस्टिस मोहपात्रा के तबादले की सिफारिश को हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
न्यायिक परिवार से आते हैं जस्टिस मोहपात्रा
18 अप्रैल 1965 को जन्मे जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा न्यायिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता सरत चंद्र मोहपात्रा भी न्यायाधीश रह चुके हैं।
उन्होंने बीए और एलएलबी की शिक्षा पूरी करने के बाद 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया। वकालत के दौरान उन्होंने कानून के विभिन्न क्षेत्रों में मामलों की पैरवी की और लंबा पेशेवर अनुभव हासिल किया।
ओडिशा हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बढ़ेगी न्यायिक क्षमता
जस्टिस मोहपात्रा के प्रस्तावित तबादले को हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की उपलब्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति के बाद न्यायिक कार्यों के संचालन में संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में नए न्यायाधीश की नियुक्ति से लंबित मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।