Delhi Police का बड़ा फैसला: महिला कर्मियों के लिए 5 जगह बनेंगे आवासीय परिसर, खर्च होंगे 145 करोड़

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस में कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों के लिए आवास से जुड़ी बड़ी पहल की जा रही है। लंबे समय तक ड्यूटी, अचानक बढ़ने वाली शिफ्ट और देर रात थाने से घर लौटने की परेशानी को कम करने के लिए आने वाले वर्षों में दिल्ली के हर जिले में महिला पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय परिसर विकसित किए जाएंगे। इन परिसरों को थानों और अन्य प्रमुख ड्यूटी स्थलों के आसपास बनाने की योजना है।

इस पहल का उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी स्थल के नजदीक सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है, ताकि देर रात ड्यूटी समाप्त होने के बाद उन्हें लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

पहले चरण में 5 जगह बनेंगे स्टाफ क्वार्टर

योजना के पहले चरण में दिल्ली के 5 स्थानों पर स्टाफ क्वार्टर बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर करीब 145 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य ईपीसी मोड-1 यानी डिजाइन एंड बिल्ड आधार पर कराया जाएगा।

पहले चरण में फतेहपुर बेरी, गोविंदपुरी, अमन विहार, कापसहेड़ा और पालम विहार में आवासीय सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

कापसहेड़ा और पालम विहार में 12-12 क्वार्टर

कापसहेड़ा में पुलिस थाना और 12 स्टाफ क्वार्टर बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इनमें 4 टाइप-3 और 8 टाइप-2 क्वार्टर होंगे।

वहीं पालम विहार में भी 12 स्टाफ क्वार्टर बनाए जाएंगे। इनमें 6 टाइप-3 और 6 टाइप-2 क्वार्टर प्रस्तावित हैं। कापसहेड़ा और पालम विहार में बनने वाले क्वार्टर सभी स्टाफ के लिए उपलब्ध होंगे।

गोविंदपुरी और अमन विहार में पुलिस थाने के साथ स्टाफ क्वार्टर और चारदीवारी विकसित करने की योजना है। इससे संबंधित क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों को ड्यूटी स्थल के नजदीक रहने की सुविधा मिल सकेगी।

नई भर्ती महिला पुलिसकर्मियों के लिए बनेगा विशेष हॉस्टल

आवासीय योजना में नई भर्ती होने वाली महिला पुलिसकर्मियों के लिए विशेष हॉस्टल बनाने का भी प्रावधान है। दूसरे जिलों या दूरदराज के क्षेत्रों से दिल्ली पुलिस में नौकरी के लिए आने वाली महिला कर्मचारियों को नौकरी की शुरुआत में ही सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जा सकेगा।

इससे नई महिला पुलिसकर्मियों को दिल्ली में शुरुआती दौर में अलग से आवास तलाशने की परेशानी से राहत मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी ड्यूटी पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।

देर रात ड्यूटी के बाद लंबा सफर होगा कम

पुलिस की नौकरी में ड्यूटी का समय हमेशा निश्चित नहीं होता। कानून-व्यवस्था की स्थिति, विशेष अभियान या आपात परिस्थितियों में शिफ्ट बढ़ सकती है। ऐसे में दूर रहने वाली महिला पुलिसकर्मियों को देर रात घर लौटने में अतिरिक्त समय और परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ड्यूटी स्थल के पास आवास मिलने से उनका लंबा सफर कम होगा और आने-जाने में लगने वाला समय भी बचेगा।

आपात स्थिति में जल्दी पहुंचना होगा आसान

ड्यूटी स्थल के आसपास रहने से आपात स्थिति में महिला पुलिसकर्मियों को कम समय में ड्यूटी पर बुलाना भी आसान हो सकता है। कानून-व्यवस्था से जुड़ी अचानक पैदा होने वाली परिस्थितियों में नजदीक रहने वाले कर्मचारियों की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।

तीन साल में पूरी होंगी परियोजनाएं

दिल्ली पुलिस की इस आवासीय योजना के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) की ओर से टेंडर जारी किए जा चुके हैं।

परियोजनाओं में डिजाइन, निर्माण और संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी एक ही कंपनी को देने की व्यवस्था रखी गई है। इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय में लगने वाला समय कम करने और निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पहले चरण के बाद दिल्ली के अन्य जिलों में भी ड्यूटी स्थल के आसपास महिला पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

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