मुंबई | महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में गौ तस्करी, अवैध गोवंश परिवहन और गैरकानूनी बूचड़खानों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। गृह विभाग द्वारा जारी नए सरकारी आदेश के मुताबिक, संगठित तरीके से गौ तस्करी करने वाले गिरोहों और रैकेट के खिलाफ अब महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (MCOCA) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने राज्य की सभी महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं और ग्राम पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे अवैध बूचड़खानों की जांच कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि कहीं भी गैरकानूनी बूचड़खाने संचालित न हों।
आदेश के अनुसार, अवैध रूप से गोवंश ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन कानून के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग को ऐसे मामलों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने पुलिस, पशुसंवर्धन और परिवहन विभाग में अलग-अलग नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने और उनके संपर्क नंबर सार्वजनिक करने को कहा है, ताकि आम लोग सीधे शिकायत दर्ज करा सकें।
सीमावर्ती जिलों में संयुक्त जांच चौकियां भी बनाई जाएंगी। यहां पुलिस, परिवहन विभाग, पशुसंवर्धन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें नियमित जांच अभियान चलाएंगी। सरकार ने गौ तस्करी के संभावित मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी जारी किए हैं।
सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हेल्पलाइन नंबर 112 पर गौ तस्करी, अवैध गोवंश परिवहन या गैरकानूनी बूचड़खानों की शिकायत मिलते ही संबंधित पुलिस विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
महाराष्ट्र सरकार ने अपने आदेश में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 का भी उल्लेख किया है, जिसमें गायों, बछड़ों और अन्य उपयोगी पशुओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य को प्रभावी कदम उठाने की जिम्मेदारी दी गई है।