नागोया एशियन गेम्स में आवास का बड़ा संकट: खेल गांव न होने से खिलाड़ियों को हो रही परेशानी मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों से मांगी मदद

नई दिल्ली/नागोया  |  जापान के नागोया में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स के दौरान खिलाड़ियों के लिए आवास (Accommodation) को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जापान द्वारा पारंपरिक खेल गांव (Games Village) न बनाए जाने के कारण खिलाड़ियों को ठहरने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे भारतीय दल के खिलाड़ी भी प्रभावित हुए हैं। स्थिति से निपटने के लिए अब भारत सरकार और खेल मंत्रालय ने जापान में रह रहे प्रवासी भारतीयों से मदद की अपील की है।

क्या है पूरा मामला?

खर्च में कटौती करने के उद्देश्य से जापान ने इस बार एशियन गेम्स के लिए कोई ‘गेम्स विलेज’ नहीं बनाया है। इसके बजाय खिलाड़ियों के रुकने की व्यवस्था लकड़ी के कंटेनरनुमा हट्स, क्रूज शिप और होटलों में की गई है। हालांकि, कमरों की भारी कमी के कारण भारत सहित कई अन्य देशों के खिलाड़ियों को बदइंतजामी का सामना करना पड़ रहा है।

भारतीय दल के मिशन प्रमुख सहदेव यादव ने खुलासा किया है कि तय आवास न मिलने के कारण अब तक लगभग 35 भारतीय खिलाड़ियों (जिसमें बैडमिंटन खिलाड़ी भी शामिल हैं) को वैकल्पिक होटलों में शिफ्ट करना पड़ा है। आगामी रविवार, 20 सितंबर तक कई और भारतीय खिलाड़ी नागोया पहुँचने वाले हैं, जिससे आवास का दबाव और बढ़ने की आशंका है।

2000 भारतीय परिवारों से संपर्क

इस संकट से पार पाने के लिए खेल मंत्रालय ने भारतीय दूतावास की मदद से नागोया में रह रहे लगभग 2000 भारतीय परिवारों से संपर्क किया है। कई प्रवासी भारतीय परिवार मदद के लिए आगे भी आए हैं। मंत्रालय की पहली प्राथमिकता खिलाड़ियों को अच्छे होटलों में ठहराने की है, लेकिन जरूरत पड़ने पर प्रवासी समुदाय के घरों या परिसरों की मदद ली जा सकती है। वर्तमान में IOA अध्यक्ष पीटी उषा और खेल मंत्री मंसुख मांडविया स्थिति का जायजा लेने के लिए नागोया पहुँच चुके हैं।

फ्लैग होस्टिंग सेरेमनी में भी हुई देरी

आवास के अलावा आयोजन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। गत 18 सितंबर को होने वाली पारंपरिक फ्लैग होस्टिंग सेरेमनी (जो कि मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट में आधिकारिक स्वागत समारोह होता है) काफी देर से शुरू हुई। भारत समेत कई देशों को देरी का कोई संतोषजनक कारण भी नहीं बताया गया, जिससे विभिन्न देशों के खेल दलों में नाराजगी देखी गई। भारत के डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत इस समारोह के लिए ‘गार्डन पियर’ पर मौजूद थे।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *