BCCI | भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्पष्ट किया है कि पिछले दो वर्षों में जीती गई पुरुष और महिला एशिया कप की ट्रॉफियां अंततः भारत लाई जाएंगी। हालांकि बोर्ड ने इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है, लेकिन यह भरोसा दिलाया है कि ये ट्रॉफियां मुंबई स्थित वानखेड़े स्टेडियम में बीसीसीआई के मुख्यालय तक जरूर पहुंचेंगी।
क्यों अटका हुआ है मामला?
भारत की सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम ने साल 2025 में दुबई में खेले गए फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर एशिया कप का खिताब जीता था। इसके अलावा, हाल ही में संपन्न हुए विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की थी।
लेकिन इन दोनों ही मौकों पर विवाद तब खड़ा हुआ जब एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के प्रमुख मोहसिन नकवी ने खुद विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपने की जिद की। भारतीय पुरुष और महिला दोनों ही टीमों ने एसीसी चीफ के हाथों से ट्रॉफी लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया था। भारतीय टीमों के अपने रुख पर अड़े रहने और प्रजेंटेशन सेरेमनी में शामिल न होने के कारण ट्रॉफियां भारत नहीं आ सकी थीं और एसीसी प्रमुख उन्हें अपने साथ ले गए थे।
BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया का बयान
मुंबई में आयोजित बीसीसीआई की सालाना आम बैठक (AGM) के इतर मीडिया से बात करते हुए बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इस पूरे मसले पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा:
“हमें पूरी उम्मीद है कि एशिया कप की दोनों ट्रॉफियां एक दिन वापस आएंगी। हालांकि, मैं इसकी कोई तय टाइमलाइन नहीं बता सकता, लेकिन मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि दोनों ट्रॉफियां मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में बीसीसीआई के दफ्तर में जरूर पहुंचेंगी।”