शिवरीनारायण। गंगरेल डेम से पानी छोड़े जाने के बाद शिवरीनारायण में महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई थी। शनिवार को नदी का पानी बढ़ते-बढ़ते शबरी सेतु के ऊपर करीब पांच फीट तक पहुंच गया। देर रात तक शिवरीनारायण नगर चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गया। हालांकि रविवार सुबह से जलस्तर स्थिर होने के बाद धीरे-धीरे घटने लगा और सोमवार तक स्थिति सामान्य हो गई।
निचली बस्तियों में घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ के कारण शिवरीनारायण की निचली बस्तियों और तटीय इलाकों के कई घरों में पानी घुस गया। मेला मैदान पूरी तरह जलमग्न हो गया था। बाढ़ का पानी मेला मैदान से होते हुए नगर के मुख्य मार्ग नटराज चौक और पुराने बस स्टैंड तक पहुंच गया।
बाढ़ के कारण जनकपुर वार्ड क्रमांक 1 का नगर से संपर्क टूट गया था। वहीं वार्ड क्रमांक 14 भी बाढ़ से प्रभावित रहा। समीपस्थ खरौद नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 12 के कई घरों में भी पानी घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था। पुलों और प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई थी। शिवरीनारायण और खरौद में एक-एक राहत शिविर बनाए गए, जहां प्रभावित लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई।
जिले के कलेक्टर और एसपी लगातार बाढ़ की स्थिति का जायजा लेते रहे और अधिकारियों को सुरक्षा, बचाव एवं राहत कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। राजस्व, नगर पंचायत और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहे और लोगों से सतर्क रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील करते रहे।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल और गोताखोरों की तैनाती की गई थी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने मोटर बोट और स्टीमर की भी व्यवस्था कर रखी थी।
बाढ़ बढ़ने से दहशत का माहौल
जलस्तर लगातार बढ़ने और नगर के कई हिस्सों में पानी पहुंचने के बाद लोगों में दहशत का माहौल बन गया था। कई लोगों ने अपने घरों और दुकानों से जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया था। प्रशासन की सक्रियता के चलते राहत और बचाव की तैयारियां लगातार जारी रहीं।
जलस्तर घटने से मिली राहत
रविवार सुबह करीब 10 बजे बाढ़ की स्थिति थमने लगी और सुबह 11 बजे से महानदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा। जलस्तर कम होने के बाद लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सोमवार तक महानदी का पानी शबरी सेतु के नीचे उतर गया। इसके साथ ही नगर के सभी प्रमुख रास्ते खुल गए और आवागमन सामान्य हो गया। बाढ़ के पानी के उतरने के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेते हुए सामान्य जनजीवन बहाल करने की दिशा में काम तेज कर दिया।