नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 इथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति के विरोध में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। केजरीवाल ने कहा कि वह मंगलवार को 100 लोगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिका सौंपने जाएंगे।
सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि E20 नीति को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ऑनलाइन याचिका शुरू की थी, जिस पर अब तक 2.33 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि इन हस्ताक्षरों वाली याचिका को वह व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री तक पहुंचाना चाहते हैं।
‘भीड़ नहीं, 100 लोग चाहिए’: केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि इस मार्च में बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने का उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं अपने साथ 100 ऐसे लोगों को लेकर जाऊंगा जो पुलिस की लाठियों और जेल जाने से नहीं डरते।”
उन्होंने इच्छुक लोगों से संपर्क करने की अपील करते हुए कहा कि जो लोग इस अभियान में शामिल होना चाहते हैं, वे उन्हें संदेश भेज सकते हैं। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से करने की बात कही।
E20 नीति को लेकर रखीं तीन मांगें
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने E20 नीति को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि:
- पेट्रोल पंपों पर E20 और शुद्ध पेट्रोल दोनों विकल्प उपलब्ध कराए जाएं।
- E20 पेट्रोल की कीमत कम रखी जाए, ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
- पेट्रोल की कीमतों में राहत देते हुए इसे 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाया जाए।
वाहन खरीद को लेकर भी की अपील
केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि जब तक देश में E100 इथेनॉल के अनुकूल वाहन उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक नए पेट्रोल-डीजल वाहन खरीदने से बचें। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा E20 नीति से वाहन मालिकों को परेशानी हो सकती है।
केजरीवाल का यह विरोध केंद्र सरकार की इथेनॉल मिश्रण नीति को लेकर आम आदमी पार्टी के अभियान का अगला चरण माना जा रहा है। मंगलवार को प्रस्तावित मार्च के दौरान दिल्ली की राजनीति में हलचल बढ़ने की संभावना है।