आइची-नागोया । भारतीय पैरा जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने एशियाई पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के जे1-70 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में इंडोनेशिया के राफली अहनाफ शिदकी को हराकर भारत को गौरवान्वित किया।
सोमवार को खेले गए इस मुकाबले में कपिल परमार ने अपने प्रतिद्वंद्वी को महज एक मिनट नौ सेकंड में इप्पोन के जरिए शिकस्त दी। जूडो में इप्पोन सबसे प्रभावी स्कोरिंग तकनीक है, जिसके जरिए खिलाड़ी मुकाबला तुरंत जीत सकता है।
सेमीफाइनल में हार के बाद शानदार वापसी
कांस्य पदक तक पहुंचने से पहले कपिल परमार को सेमीफाइनल मुकाबले में इंडोनेशिया के जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने इस हार से उबरते हुए पदक के मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया और कांस्य पदक जीत लिया।
कपिल परमार इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी कांस्य पदक जीता था और वर्ष 2019 की राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
भारतीय दल के लिए बढ़ा गौरव
कपिल की इस उपलब्धि ने एशियाई पैरा खेलों में भारत के पदक अभियान को मजबूती दी है। उनका प्रदर्शन कठिन परिस्थितियों में धैर्य, दृढ़ संकल्प और मेहनत के दम पर सफलता हासिल करने की प्रेरणा देता है।
कांस्य पदक के साथ कपिल परमार ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय पैरा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने में सक्षम हैं।