रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, वीर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तथा राज्य में सुशासन और विकास की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन करते हुए दुर्लभ छायाचित्रों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान दिया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करती हैं।
विरासत से विकसित छत्तीसगढ़ तक की यात्रा का चित्रण
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल इतिहास का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी मजबूत करती है। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना और नई तकनीक के माध्यम से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत की गई है।
‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रजागरण के मंत्र के रूप में इसकी भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को एक सूत्र में जोड़ने और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदर्शनी के माध्यम से नई पीढ़ी को इसके राष्ट्रभाव और ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों के योगदान की झलक
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग यहां प्रदर्शित किए गए हैं।
महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है। इन दस्तावेजों के जरिए नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के व्यापक योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
टाउन हॉल और शहीद स्मारक के लिए 50-50 लाख रुपए की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों—टाउन हॉल और शहीद स्मारक—के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, जबकि ऐतिहासिक टाउन हॉल रायपुर की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन धरोहरों का संरक्षण गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। आधुनिक विकास के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की गरिमा को भी बनाए रखना जरूरी है।
योजनाओं से बदलती जिंदगी की तस्वीर
प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आम नागरिकों के जीवन में आए बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, किसानों को मिल रहे लाभ, जरूरतमंद परिवारों के पक्के मकानों और युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल एवं रोजगार के अवसरों की झलक यहां देखने को मिल रही है।
महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं को छायाचित्रों एवं सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी का उद्देश्य यह बताना है कि सुशासन का वास्तविक लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
एआई तकनीक से विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव
प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अनूठा संगम भी आकर्षण का केंद्र है। एआई आधारित पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। बच्चों और युवाओं में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
इसके माध्यम से नई पीढ़ी को प्रदेश की पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से तकनीक के जरिए रोचक ढंग से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
विजिटर डायरी और डॉक्यूमेंट्री भी आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी स्थल पर रखी विजिटर डायरी में आम नागरिक स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से जुड़े अपने विचार दर्ज कर सकते हैं। राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का यह उपयोगी प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानना हमें वर्तमान के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा, श्री संजीव तिवारी, श्री आलोक देव सहित जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।