जिले में बंगाली झोला छाप डॉक्टरों को बढ़ावा दे रहे है स्वास्थ्य विभाग ,इनके ऊपर नही कर रहे है कोई कार्यवाही

कवर्धा /:कबीरधाम जिले में झोला छाप बंगाली डॉक्टर अपने अड्डा जमाए बैठे है जगह जगह खुले आम क्लीनिक खोल कर बैठे हुवे है पर भी स्वास्थ विभाग के टीम इनके ऊपर इतना महेरबान है आज तक इनके ऊपर कोई ठोस कार्यवाही नही किए है।अधिकतर आपको कवर्धा ,पंडरिया,बोड़ला लोहारा ब्लॉक में बंगाली डॉक्टर मिलेंगे जो लोगो के सेहत से कर रहे है बुरी तरह खिलवाड़ कर रहे है।

कही इन्हें उच्च अधिकारीयों का संरक्षण प्राप्त तो नही जो खुले आम कर रहे है ट्रीटमेंट?

बंगाली डॉक्टर जो खास तौर पे पंडरिया ब्लॉक के पोलमी,कामटी,कुई में है जो लोग खुले आम इलाज करते है (1)पोलमी में जो झोला छाप बंगाली डॉक्टर है जो दिखावा के लिए सामने रूम में कपड़ा दुकान खोले हुए है और थोड़ा बहुत आल्टोस का स्टोल लगया है बाकी रूम के अंदर अग्रेजी दवाई रख कर इलाज करता है(2)कामटी में जो झोला छाप बंगाली डॉक्टर रहता है वो तो सीधा क्लिनिक खोल कर बैठा है बिना लाइसेंस के यह सब संचालित है(3)कुई का बंगाली डॉक्टर जहां रूम किराए में रहते है वही इलाज करते है, एक दो बार सील भी हो चुका है पर पैसे के दम पर सील लगने के कुछ दिन बाद खोल दिया जाता है उसके बाद फिर इलाज करते नजर आते है ,आखिर ठोस कार्यवाही सही मायनों में क्यों नही होती ये विभाग पे सवालिया निशान है ।

इनके पास कोई डिग्री नही है
पर भी नियम के विरुद्ध कर रहे है इलाज

आपको बता दे जितने बंगाली डॉक्टर है उनके पास लगभग किसी प्रकार का दस्ता वेज नही है आयुर्वेदिक लाइसेंस बनवा लिए है और अग्रेजी दवाइयों के जरिए इलाज कर रहे है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो पंडरिया ब्लॉक के आदिवासी बैगा बाहुल्य क्षेत्र पोलमी ,कुई,कामटी में जो बंगाली डॉक्टर रहते है भोले भाले बैगा आदिवासियों को इलाज के नाम में लूट रहे है उनके जान के साथ खिलवाड़ कर रहे है।

जिले की स्वास्थ विभाग कार्यवाही करने में नाकाम

यूं तो कबीरधाम जिले में स्वास्थ विभाग की कार्यवाही करने टीम है लेकिन जिम्मेदारी से कार्यवाही करने के बजाय सिर्फ खानापूर्ति कर छोड़ दिया जाता है जिसका खामियाजा भोले भाले लोगों को उठाना पड़ रहा है झोलाछाप डॉक्टरों के हौसले बुलंद है कोरोना काल में भी ये झोलाछाप बिना डिग्री के इलाज करते हुए आम जनता की जान जोखिम में डालते हुए नजर आए ,आखिर स्वास्थ विभाग इन फर्जी क्लीनिक और फर्जी डॉक्टरों पर कब लगाम लगाएगी ,आखिर क्यों कार्यवाही करने में कतराते है कुल मिलाकर जिले में स्वास्थ विभाग अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है और झोलाछाप और अवैध क्लीनिक ,लैब जिले में बेतहाशा बढ़ती हुई नजर आ रही है।

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